यहाँ "जियोस्टॉर्म" (Geostorm) विषय पर हिंदी में एक मौलिक कहानी प्रस्तुत है:
इन हमलों को 'जियोस्टॉर्म' (भू-तूफान) का नाम दिया गया। आदित्य वर्मा को शक हुआ कि डचमैन में कोई गड़बड़ी है। वे अपनी टीम के साथ अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचे। उन्हें पता चला कि किसी हैकर ने डचमैन के कोड में घुसपैठ कर, उसे हथियार में बदल दिया था। अब हर प्राकृतिक आपदा मानव निर्मित थी, और वह भी बहुत भयानक रूप में।
आदित्य के पास बहुत कम समय था। उनके छोटे भाई, अर्जुन वर्मा (एक आईटी विशेषज्ञ और पूर्व सैनिक), ने ज़मीन से उनकी मदद करने का फैसला किया। अर्जुन ने पुराने इसरो केंद्र में एक गुप्त ट्रांसमीटर ढूंढा, जबकि आदित्य अंतरिक्ष में विक्रम का सामना कर रहे थे। geostorm in hindi
धरती बच गई थी, लेकिन एक कीमत पर। आदित्य वर्मा राष्ट्रीय नायक बन गए। उन्होंने अपने भाई अर्जुन से गले मिलते हुए कहा:
उस दिन के बाद, दुनिया के वैज्ञानिकों ने प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का रास्ता अपनाया। और आदित्य ने तारों भरे आकाश में देखा, एक नए सपने के साथ – जहाँ मानवता और प्रकृति के बीच युद्ध न हो, बल्कि एक सुंदर संतुलन हो। geostorm in hindi
"प्रकृति को नियंत्रित करने की शक्ति खतरनाक है, भाई। हमें उसका सम्मान करना सीखना होगा, उस पर हुकूमत करने की कोशिश नहीं।"
वर्ष 2050। जलवायु परिवर्तन ने दुनिया को तबाह कर दिया था। बाढ़, सूखा, भूकंप और भीषण तूफान आम बात हो चुके थे। इस आपदा से बचने के लिए दुनिया के सभी देशों ने मिलकर एक अंतरिक्ष मंच, "डचमैन" (Dutchman) बनाया। यह अनगिनत उपग्रहों का एक जाल था, जो पृथ्वी के मौसम को नियंत्रित करता था। geostorm in hindi
लेकिन असली झटका तब लगा, जब पता चला कि इस साजिश के पीछे उनका अपना साथी और सबसे करीबी दोस्त, डॉ. विक्रम राठौर था। विक्रम का मानना था कि मानव जाति पृथ्वी के लिए कैंसर है, और जियोस्टॉर्म उसका इलाज है। उसने डचमैन को प्रोग्राम कर दिया था कि अगले 48 घंटों में, पूरी दुनिया एक साथ कई जियोस्टॉर्म की चपेट में आ जाएगी – टोक्यो में सुनामी, न्यूयॉर्क में आग का तूफान, और दिल्ली में घातक बिजली के तूफान।