अकेलेपन ने उसे डरा दिया। उसे लगा, "मैं कैसे जीवित रहूँगा? यहाँ से निकलूँगा कैसे?"
दुश्मन ने उसे भी मृत समझ लिया था। लेकिन विक्रादित्य जीवित था - बुरी तरह घायल, उसका बायाँ हाथ टूटा हुआ था, पसलियों में चोट थी, लेकिन उसकी सांसें अभी बाकी थीं। lone survivor in hindi
एक-एक करके विक्रादित्य ने अपने साथियों को गिरते देखा। पहले रमन, फिर प्रीत, फिर करन... हर बार एक धमाका, एक गोली, एक चीख। रात के अंधेरे में वह अपने मृत साथियों के बीच घंटों छिपा रहा। पसलियों में चोट थी
सात दिन और सात रात - वह छिपता, जंगली जानवरों से लड़ता, भूख-प्यास सहता, लेकिन हार नहीं मानता। जंगली जानवरों से लड़ता
यहाँ "लोन सर्वाइवर" (अकेला बचा हुआ) की भावना पर आधारित एक मौलिक हिंदी कहानी प्रस्तुत है: साल 2045 था। उत्तर भारत के घने जंगलों में एक भयानक गृह युद्ध छिड़ा हुआ था। दो ताकतवर गुटों के बीच संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया था।
सुबह हुई तो वह अकेला था। बिल्कुल अकेला। चारों तरफ खून से लथपथ ज़मीन, टूटे हुए हथियार और उसके दोस्तों के शव।
विक्रादित्य गिर गया। लेकिन इससे पहले कि दुश्मन उसे खत्म करता, हेलीकॉप्टरों की आवाज़ आई - उसकी सेना आ गई थी। उन्होंने विक्रादित्य को बेहोशी की हालत में बचाया।